ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 16 February 2026
क्यों शुमार करते हो
मौसिक़ी क्यों शुमार करते हो,
उसपे कहते हो, प्यार करते हो,
हमको कैसे यक़ीन हो आख़िर,
तुम तो सब कुछ बज़ार करते हो..
उर्मिला माधव
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