ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 21 February 2026
जी से हर शख़्स
जी से हर शख़्स जब उतर जाए
राबिता दरमियां बिखर जाए,
हक़ बुलंदी है सिर्फ़ ख़ामोशी,
बस किसी ग़ैर के न घर जाए...
उर्मिला माधव,
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