ये मेरे शेर और क़तआत ---
Thursday, 5 February 2026
नींद मुझको
नींद मुझको जोर से अब आ रही है,
देह बिस्तर पर बिखरती जा रही है,
इसलिए अब कल सुबह मैं आउंगी,
वो सुबह जो कल सुबह ही आ रही है....
उर्मिला माधव...
6.2.2o14
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