Wednesday, 28 January 2026

हमको क़िस्तों में मिले

हमको क़िस्तों में मिले हैं ग़म बहुत,
ख़ास रिश्तों में भी निकले ख़म बहुत,
ग़म शनासी से .........बहुत हारे हुए,
हर फ़रिश्ते ने किया ...बरहम बहुत...
उर्मिला माधव

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