ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 24 January 2026
कौन पूछे
कौन पूछे किसीका हाल यहां,
सब तो अपनी दुहाई देते हैं,
खुलती है,जब भी आंख मुश्किल से
तंज़ गहरे सुनाई देते हैं...
उर्मिला माधव,
19.9.2017
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