ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 14 January 2026
तमाम रात
बाँहों में उनकी आये तो आँखों में खो गए,
शाने पे सर को रख के..बिताई तमाम रात...
फिर होश ही किसे था,कहाँ रात कट गई,
उनकी जुदाई उनको.....सुनाई,तमाम रात,
उर्मिला माधव..
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