Tuesday, 31 December 2019
सालाना
सर्द मौसम है
स्थितप्रज्ञ
उड़ गए
पैरों पे चल के ही
Monday, 30 December 2019
जगाई आपने
Friday, 27 December 2019
किरदार
ताबानी
याद कर
मीलों के फ़ासले
तबीयत ही हट गई
Thursday, 26 December 2019
मां का ख़त
चाहती है
बहुत हैं दोस्त
Wednesday, 25 December 2019
हमारी नगरिया
दुआ सलाम
कर देते
Tuesday, 24 December 2019
जानते थे हम
Monday, 23 December 2019
चुप हो गए
Sunday, 22 December 2019
परमात्मा के नाती हैं
हमने
Saturday, 21 December 2019
कद्रदानी
Wednesday, 18 December 2019
किसीकी नहीं
आह करता है
देखभाल कर
Monday, 16 December 2019
क्या मानी
देखा जाएगा
Sunday, 15 December 2019
हर सम्त मैं
Friday, 13 December 2019
समर्पण के लिए
Monday, 9 December 2019
सोते रहे
ख़ास थी
क़ता--- मुस्कुराने लगे
हक़ीक़त नहीं है
Saturday, 7 December 2019
सह्ल हूँ
एहतराम कर न सके
Friday, 6 December 2019
राहत हो
भेजा है
Thursday, 5 December 2019
एहतराम करती हूँ
बदल डाला है
Wednesday, 4 December 2019
दीवार सी
आ रही है
Monday, 2 December 2019
अर्पण के लिए
मिटाना पड़ता है
कर दिए
राबिता ही न हो
Sunday, 1 December 2019
आज़माता ही रहे
Saturday, 30 November 2019
Friday, 29 November 2019
आफ़ताब
नईं नईं
Thursday, 28 November 2019
रहने भी दो जाओ
नज़्म छोटी सी
क़ाबिल हुए हैं
Wednesday, 27 November 2019
Tuesday, 26 November 2019
इंतज़ाम करते हैं
Monday, 25 November 2019
धूल करते हैं
इफ़रात हुई
नहीं होती
Thursday, 21 November 2019
पहाड़ों की सांसों की रफ़्तार
सुन तो ले
Wednesday, 20 November 2019
Monday, 18 November 2019
तश्ना लब के घर
Saturday, 16 November 2019
थाती रे
आकर देख ना
गवाही में
रोज़ रख देना
Friday, 15 November 2019
जाती हूँ मैं
भरना पड़ा
Thursday, 14 November 2019
थका जाता है
ग़म किसीका
Wednesday, 13 November 2019
रह गए
Tuesday, 12 November 2019
दिये देखा किये
कम नहीं कुछ
Saturday, 9 November 2019
सुर्ख़ी नहीं
सृष्टि में
है ही नहीं
Thursday, 7 November 2019
Wednesday, 6 November 2019
क्या समझे
दोहा
नहीं लगता
Monday, 4 November 2019
होश में आ जाइए
था हमें मालूम
जबीं झुकती नहीं
भंवर
Saturday, 2 November 2019
Thursday, 31 October 2019
लड़ा होगा
रूठ जाने की
बार बार
Tuesday, 29 October 2019
हयात रख लूँ
दुर ए दिंदान की दुनिया
जाबिर
नाप ले
Monday, 28 October 2019
दीवार भी है
सकते हैं
आकर देख
Friday, 25 October 2019
ये नहीं हुआ
क्या करेगा
गुलाब दे देंगे
Thursday, 24 October 2019
इंतज़ार करके
आए हैं लोग
दीवान है
Monday, 21 October 2019
क्या होगा
चस्पां हैं
शनासाई न थी
ढोया किये
Saturday, 19 October 2019
लौटे हैं
अहमद फ़राज़
ज़ीना था बस
Wednesday, 16 October 2019
दिल का होता है
दैर ओ हरम
मोअतबर तक ले गई
Tuesday, 15 October 2019
मुस्कुराहट
लब खुले रहे
हिज्र
Monday, 14 October 2019
प्यार समझना
तुम जीत भी जाओ तो उसे.....हार समझना,
बे-मौक़ा वाह-वाह को.........बेकार समझना,
शेर-ओ-सुखन के हुस्न को जीता न कोई भी,
तारीफ़ की आवाज़ों को...बस प्यार समझना,
उर्मिला माधव
15.10.2014...
Sunday, 13 October 2019
महबूब है
मैंने कब तुझसे कहा के ......तू मेरा महबूब है
सिर्फ़ इतना ही कहा ........तू देखने में ख़ूब है
जिसने सारी ज़िन्दगी. ...वीरानियों में काट दी
तू नहीं समझेगा उसका दिल महज़ मज्जूब है
Maine kab tujhse kaha ke tu mira mahboob hai,
Sirf itna hi kaha, tu dekhne me khoob hai,
Jisne saari zindagi viiraniyon me kaat dii,
Tu nahin samjhega uska dil mahaz majjuub hai..
उर्मिला माधव
Saturday, 12 October 2019
जाते कहीं
जी हमारा उठ चुका है,हम नहीं जाते कहीं,
गोकि ज़िद के बादशा हैं,ग़म नहीं खाते कहीं,
भीड़ से हट के चलें ये अपने दिल की बात है,
पर क़दम रफ़्तार में हैं थम नहीं जाते कहीं,
उर्मिला माधव,
13.10.2018
Thursday, 10 October 2019
उतारी होती
चढ़ते तूफ़ाँ में कभी ......क़श्ती उतारी होती,
ख़ूब तबियत से वहीं ......शाम गुज़ारी होती,
जो कहीं हद से गुज़र जाता अगर जोशे जुनूँ,
हम फ़ना होते मगर .......बात तुम्हारी होती..
chadhte toofaan main kabhii qashtii utaarii hotii,
khoob tabiyat se wahin ......shaam guzaari hotii,
jo kahiin had se guzar jaataa agar joshe junoon,
ham fanaa hote magar .......baat tumhaarii hotii
Urmila Madhav
उर्मिला माधव....
11.10.2016
हस्सास होती है
शायराना शख़्सियत, ....हस्सास होती है बहुत,
उसकी सारी ज़िंदगी ही .....ख़ास होती है बहुत,
ये शरफ़ हासिल है उसको,ग़म कहे अल्फ़ाज़ में
जो भी है तक़लीफ़ दिल के पास होती है बहुत…
ShayranA shakhsiyat, hassas hoti hai bahut,
Uski saari zindagi hii, khaas hoti hai bahut,
Ye sharaf haasil hai usko,gham kahe alfaz me,
Jo bhi hai taqlif dil ke paas hoti hai bahut....
उर्मिला माधव
11.10.2018
Wednesday, 9 October 2019
नहीं था
mera ek bhi gam kabhi tera nahin tha,
too kisika tha magar mera nahin tha,
Urmila Madhav...
10.10.2013..
पैवन्द
ख़ुद लहू जब जम गया,पैवंद बनके ज़ख्म पै
क्यों रफ़ूगर की हमें हाज़त रहे,.....बतलाइये...
::
Khud lahoo jab jam gayaa,paivand banke zakhm pe,
Kyun rafoogar ki hamen .........haazat rahe batlaaiye
#उर्मिलामाधव
10.10.2015
ख़ुश्बू नहीं आती
एक शेर--उन्वान
ख़ुशबू..
वो जो ख़त तुमने भेजे थे कभी ख़ुश्बू से तर करके,
किसी भी ढंग से खोलूं,......मगर ख़ुश्बू नहीं आती..
::
Wo jo khat tumne bheje the kabhi khushbu se tar karke,
Kisi bhi dhang se kholun,magar khushbuu nahin aatii...
#उर्मिलामाधव
10.10.2015..
इतरा गया
सबसे पहली बात..........तूने आसमां देखा नहीं,
अपने क़द पे खुद-ब-खुद ही बे-सबब इतरा गया...
उर्मिला माधव...
10.10.2014..
सांप का घर नहीं होता
Milkiyat uskii,gair ka ghar hai
Saanp ka apna ghar nahin hota
मिल्कियत उसकी,ग़ैर का घर है,
सांप का अपना घर नहीं होता,
Urmila Madhav
नुमायां होगया
आपने अपनी हदों से गिरके जो कुछ कर दिया,
आपका ज़ह्र-ए-जेह्न खुल कर नुमायां हो गया..
उर्मिला माधव
शामिल हैं
हमारी ख़ास मुश्किल है, के हम दुश्मन नहीं बनते,
यहां पर दोस्तों की शक़्ल में दुश्मन ही शामिल हैं,
उर्मिला माधव
उड़ते हुए देखा
ज़माने को समझने में हमें क्या देर लगनी थी,
जब हमने सादगी की ख़ाक को उड़ते हुए देखा..
उर्मिला माधव
10.10.2018
Tuesday, 8 October 2019
बोता रहा
हर कोई एक दूसरे को ..........लानतें देता रहा,
ऑ वतन की शान में ....कुछ गुरबतें बोता रहा,
उसकी बकरी मेरी घोड़ी,मेरी ज़्यादा,तेरी थोड़ी,
अपनी ग़ैरत से भी नीचे,गिर गया......रोता रहा...
उर्मिला माधव...
9.10.2015
पानी पानी होगया
आपकी पेशानी पर ये काकुलें बिखरी हुई,
माशाअल्लाह दिल बेचारा,पानी-पानी होगया,
Aapki peshani par ye kaaulej bikhri hui in,
Masha allah dil bechara pani-pani ho gaya
Urmila Madhav
टीप लेते हैं
😕😕😕😕😕😕😳
चोरों से .......दोस्ती नहीं करना,
सारे अशआर ........टीप लेते हैं,
एक भी लफ़्ज़ लिख नहीं सकते,
उस पे .महफ़िल में चीख लेते हैं
उर्मिला माधव
लत है
बस उसको याद करना,ये रोज़ की सी लत है,
बेकार कोशिशें हैं, क्या लत भी छूटती है ??
उर्मिला माधव
9.10.2018..
Sunday, 6 October 2019
Saturday, 5 October 2019
Wednesday, 2 October 2019
Deewali mubarak ho
Happy deewali to all my friends 🙏🙏🥀🥀❤️❤️
Dosto, her khushi mubarak ho,
Dil nashin zindagi mubarak ho,
Ye diwalii to .........ek din kii hai,
Umr bhar..raushni mubarak ho.
Urmila Madhav
Tuesday, 1 October 2019
कौनसा है वो
न अब तक भी समझ पाए कभी हम इस हक़ीक़त को,
सियासतदां कोई अच्छा है तो फिर कौनसा है वो ?
उर्मिला माधव..
2.10.2016
आबले
Inspired...
मेरा दर्द पढ़ने वाले, इसी राह पे न चलना,
ये हक़ीक़तें समझना, मेरे आबले भी गिनना,
उर्मिला माधव
2.10.2018
Monday, 30 September 2019
Saturday, 28 September 2019
कमाल करते हैं
शर्म ..बाक़ी नहीं बची है यहां,
लोग खुल के कमाल करते हैं,
जिसको,जैसी जहां ज़रूरत है,
उसका बस..इस्तेमाल करते हैं...
उर्मिला माधव,
29.9.2017
तुमसे दूर
आपकी सूरत हंसीं तो है .….ज़ुरूर,
उसके ऊपर सिर्फ़ लिख्खा है ग़ुरूर,
इसको पढ़के यूँ समझ लो, जानेमन,
जा चुके हैं उम्र भर को .....तुमसे दूर
उर्मिला माधव
Friday, 27 September 2019
मेहमां करते
दिल में अरमान रहा,यार को मेहमां करते,
फिर भी ख़ामोश रहे,उसको बताया भी नहीं,
उर्मिला माधव,
28.9.2017
जाते रहते हैं
चाहिए कोई भी …..नहीं हमको,
हमतो बस ..दिल लगाते रहते हैं
दिल को तन्हाइयों का ग़म न रहे,
यूँ ही महफ़िल में जाते रहते हैं..
उर्मिला माधव,
28.9.2017
Wednesday, 25 September 2019
नहीं गया
Toota hua jo dil tha samhaala nahin gaya,
gum apni zindagi se....nikaala nahin gaya....
Urmila Madhav....
26.3.2013..
बीमार कर देंगे
nazar bharke jo dekhenge,tumhen beemar kar denge,
zara bhi lab na kholenge.......magar izhaar kar denge,
muhabbat ke abhi pahle sufhe ke tum baraq padh lo,
hamesha aakhiri dum pe tumhen hoshiyar kar denge...
Urmila Madhav...
26.9.2013
सुभीता है
यूँ बोले वो राम क़सम दिल प्यार से हमने जीता है,
झूठ पे चलने वालों को,ये कितना बड़ा सुभीता है,
हाथ में ली तस्बीह..लिया हरि नाम हज़ारों रंगों में,
शाम हुयी तो गम के आंसू.....मयखाने में पीता है,
ये कितना बड़ा सुभीता है...
उर्मिला माधव...
26.9.2014
शिकायत नहीं रही
duniyaan se aaj koi shikayat nahin rahi,
afsurdgi se dil ko....bagawat nahin rahi,
milna ho ya bichhadna,sabhi eksa lage,
hum pe masarrton ki inaayat nahin rahi,
Urmila Madhav
जानता न था
पैमाना मेरी उम्र का ...........वो नापता रहा,
जो ज़िन्दगी के ग़म की तपिश जानता न था..
उर्मिला माधव..
23.9.2017
Tuesday, 24 September 2019
फ़ासले
अजनबी अतराफ़ हैं,और ये मुक़म्मल फ़ासले,
कितना बढ़ता जाएगा,रुकजा ज़रा तो साँस ले,
शौक है मिटने का,मिटजा,तेरी अपनी ज़िंदगी,
पहले दिल पे हाथ रखले,फ़ैसला तब ख़ास ले..
उर्मिला माधव...
25.9.2013
अतराफ़---दिशाएँ..
सवालों पे गिरे
आँख से आंसू जो निकले,दिल के छालों पै गिरे,
देखने वालों ने समझा ........सिर्फ़ गालों पै गिरे,
होश कुछ आया तो देखा ...घर धुंएँ से भर गया,
ग़म तड़प कर रह गए,.और हम मलालों पै गिरे
उर्मिला माधव..
25.9.2015
वीरानियाँ
हम चुकाते रह गए ...सच बोलने की कीमतें,
तोड़ कर जाते रहे सब .उम्र भर की निसबतें,
यूँ भी तबियत के हमेशा हम बहुत नादिर रहे,
रास भी आईं तो कुछ तन्हाईयाँ और ख़लवतें....
#उर्मिलामाधव..
25.9.2015...
रह गए
सब यहीे समझे ......के सोते रह गए,
हम मगर ......तकिये भिगोते रह गए,
दिल जिगर पै इतने ज़्यादः ज़ख्म थे,
ख़ून के धब्बे ही ..........धोते रह गए..
#उर्मिलामाधव
25.9.2015
क्या हो जी ?
हमने जाने क्या-क्या अपना खो दिया,तुम क्या हो जी ?
हमको भी अब खलवतें दरकार है .....तुम जाओ जी,..
उर्मिला माधव..
25.9.2016
Understand
I do understand people's professionalism since childhood but couldn't follow it...
Urmila Madhav
फ़रोज़ां
फ़रोज़ां कर रहे थे ज़िन्दगी को,खूँ जला के हम
मगर ........तुमसे कहाँ ये रौशनी देखी गई मेरी
उर्मिला माधव
23.9.2017
देर करदी
Ye samajhne men kitni der kardi,
Zindagi kude pe hamne dher kardi
ये समझने में कितनी देर कर दी,
ज़िंदगी कूड़े पे हमने ढेर कर दी,
उर्मिला माधव
गुज़रती है
अपनी मजबूरियां बहुत थीं मगर
किसको बतलाते क्या गुज़रती है,
अपनी जानिब से हँसके मिलते हैं,
बात कहते हैं पर बिखरती है
उर्मिला माधव
कहता है
कोई जब इन्क़लाब कहता है,
ख़ुद को ही लाजवाब कहता है,
लफ़्ज़ कहता है, ज़ह्र हो जैसे,
जी दुखा कर सबाब कहता है
उर्मिला माधव
Sunday, 22 September 2019
जीते हैं
अहले दिल शायरी में जीते हैं,
रंज खाते हैं .....अश्क़ पीते हैं.....
उर्मिला माधव...
23.9.2014...
Saturday, 21 September 2019
दुआ करो
जो सुकून-ओ-चैन अता करे मेरे हक़ में ऐसी दुआ करो,
जो तुम ही ने मुझको दिए हैं सब वही ज़ख़्म तुम न छुआ करो,
जिसे इल्म ही न हुआ कभी किसी बन्दगी का चलन है क्या ?
तुम्हें ख़ुद पै कितना ग़ुरूर है जो भी होगे तुम वो हुआ करो।।..
उर्मिला माधव....
Friday, 20 September 2019
सकते
लोग फितरत से कभी बाज़ नहीं आ सकते,
सोज़ की तरहा कोई ..साज़ नहीं ला सकते ,
जो कभी खुद में कोई ख़ास मुक़म्मल न रहे,
टूटते दिल में वो .....आवाज़ नहीं ला सकते...
उर्मिलामाधव...
21.9.2015
फैसला लेकर
एक छोटा सा फैसला लेकर,
ख़ुदकुशी हमने मुल्तवी करदी,
सांस जब तक है,जीते जाना है
बस रजिस्टर में हाज़री भरदी..
उर्मिला माधव,
21.9.2017
चाक पर
ज़िन्दगी कब-कब रही है मोअतबर,
एक पल हाज़िर है,इक पल ख़ाक पर
ये तो कूज़ागर की मर्ज़ी है महज़
जब तलक चाहे घुमाए चाक पर
उर्मिला माधव
जुगाड़ू
मज़ाहिया कविता..
मेरी कविताएं जग में ........दहाड़ू पिया,
शब्द लिख्खे,.…....उखाड़ू-पछाड़ू पिया,
कितनी मुश्किल से पहुंची हूँ मंचों तलक
लोग कहते हैं मुझको .......जुगाड़ू पिया..
उर्मिला माधव,
21.9.2017
पहचान
हमको रंगों की न कुछ पहचान बाक़ी रह गई,
रंग-ए-रुख़सत देख कर जब आंख झपकी ही नहीं,
उर्मिला माधव,
21.9.2018
Aazmaanaa hai
अभी तुमसे बिछड़ कर सोचते हैं,क्या करें आख़िर,
बड़ी मुश्किल है,अपना सब्र हमको आज़माना है
उर्मिला माधव
18.9.2019
Thursday, 19 September 2019
बेईमान सब
बात करते हैं सियासत की.....यहाँ इन्सान सब,
अपनी ज़ाती ज़िन्दगी में,कितने हैं बेईमान सब,
सबकी बातों में सियासत,और घातों में सियासत,
बस अकेले वो हैं वाइज़........बाकी हैं नादान सब...
उर्मिला माधव...
१९.९.२०१३
Wednesday, 18 September 2019
छुट्टी
साहिबे आलम जी क्या छुट्टी पे हैं ?
हमतो समझे थे के बस कुट्टी पे हैं... :)
उर्मिला माधव...
19.9.2016
देते हैं
कौन पूछे किसीका हाल यहां,
सब तो अपनी दुहाई देते हैं,
खुलती है,जब भी आंख मुश्किल से
तंज़ गहरे सुनाई देते हैं...
उर्मिला माधव,
19.9.2017
Tuesday, 17 September 2019
ढक सकूँ
Mujhko kahan gurez kabhi khasta haal se
Ho tiirgii ka sath zaraa zakhm dhak sakun
:;
मुझको कहाँ गुरेज़ कभी ख़स्ता हाल से,
हो तीरगी का साथ,ज़रा ज़ख्म ढक सकूँ..
#उर्मिलामाधव
18.9.2015
ज़ाया करोगे
ज़िन्दगी भी .अब मुसलसल पूछती है,
और कितना मुझको तुम ज़ाया करोगे...?
उर्मिला माधव..
18.9.2016
लग रही है
हर सतह अब ...खुरदुरी सी लग रही है,
सच समझ कर .झुरझुरी सी लग रही है,
अब धसक जाने का डर है ज़िन्दगी को,
ख़ास मिट्टी ......भुरभुरी सी लग रही है....
उर्मिला माधव...
18.9.2017
Monday, 16 September 2019
डरते ही बने
ज़ीस्त की बुनियाद ऐसी है कि मरते ही बने,
जितना ही इसको समेटो ये बिखरते ही बने,
अनगिनत रानाइयाँ हैं किसको देखेंगे भला,
सूरत-ए-हालात ये कि....सिर्फ़ डरते ही बने
उर्मिला माधव..
11.3.2013
मुस्कुराया है बहुत
वक़्त ने .जब-जब सताया है बहुत,
रंज-ओ-ग़म चेहरे पे आया है बहुत,
दी मुआफ़ी हर किसी गुस्ताख़ को,
जब वो मुझ पे मुस्कुराया है बहुत..
उर्मिला माधव...
17.9.2016
एक हैं
ख़ाकसारी और बिमारी, दोनों बिल्कुल एक हैं,
दोनों ही हालात में तो ख़ुश्क हो जाते हैं लब,
उर्मिला माधव,
17.9.2018
Sunday, 15 September 2019
Saturday, 14 September 2019
लोग
इक तबस्सुम के लिए क्या-क्या नहीं करते हैं लोग,
अश्क़ उसके देख कर ..दिल देर तक रोया किया...
::
Ik tabassum ke liye kya-kya nahi karte hain log,
ashq uske dekh kar ..........dil der tak roya kiya
#उर्मिलामाधव
15.9.2015
इंतज़ाम करते हैं
जिनका हम एहतराम करते हैं,
वो ही कुछ ऐसा काम करते हैं,
जीने-मरने पे बात जा पहुंचे,
दिल का वो इंतज़ाम करते हैं...
उर्मिला माधव..
किसने दिया
आग में ज़िंदा जले, तब आपने सीता कहा,
आपको ये फैसला करने का हक़ किसने दिया ?
🤔
उर्मिला माधव,
छोड़ दिया
ख़ुद को बिल्कुल उदास छोड़ दिया,
दिल भी उसके ही पास छोड़ दिया,
अब शिकायत भी उससे कौन करे,
जिस ने उल्फ़त का पास छोड़ दिया...
उर्मिला माधव,
14.9.2018
Friday, 13 September 2019
इंडिया एक दिन
अगर मर्सिया लफ्ज़ मैच न होता हो तो,एक दिन के लिए ऐडजस्ट करलें बस..
आज हिंदुस्तान है ये, बाक़ी दिन फिर इंडिया,
तुमको हिंदी की कसम है,हिंदी बोलो हे पिया,
एक दिन की बात है बस,फिर वही अंग्रेज़ हम,
कल से पढ़ डालेंगे दोनों,इसपे मिलके मर्सिया..
उर्मिला माधव,
14.9.2017
Thursday, 12 September 2019
दौड़ कर आते
जुबां शीरीं जो तुम रखते तो हम भी दौड़ कर आते,
कोई मुश्किल खड़ी रहती,सभी कुछ छोड़ कर आते,
मगर बोली तुम्हारी......तल्खियत से चूर रहती है,
बताओ किसकी खातिर रस्म सारी तोड़ कर आते??
उर्मिला माधव ...
१३.९.२०१३
ईद मुबारक
दुनियां के हर इंसान को हो ईद मुबारक़,
जो जिसके साथ हो उसे वो दीद मुबारक,
मफ़हूम मेरी बात का इतना ही है जनाब,
जो की गई है दिल से वो तनक़ीद मुबारक़....
----------------------------------------------
duniyaan ke har insaan ko ho iid mubaaraq,
jo jiske saath ho......use wo deed mubaaraq,
mafhoom merii baat ka...itnaa hii hai janaab,
jo kii gaii hai dil se.......wo tanqiid mubaaraq...
उर्मिला माधव....
कितनी बड़ी है
अभी इतिहास के पिछले सुफहे पूरे नहीं भूले,
नई एक इब्तेदा की आज फिर पहली कड़ी है,
ज़रूरत क्या कसौटी पर अकेले हम खरे उतरें,
करें क्यों मश्क आखिर ज़िन्दगी कितनी बड़ी है ?
उर्मिला माधव,
13.9.2016
दूर तक चली
तक़लीफ़ ज़िंदगी में बहुत दूर तक चली,
खुशियों ने डर के हमसे मुलाक़ात ही न की..
उर्मिला माधव,
13.9.2017
Wednesday, 11 September 2019
अंतर्धान
हम शिव कहकर शव हुए और तुम अंतर्ध्यान,
घर बाहर सब एकसा ...मन जब हुआ मसान....
#उर्मिलामाधव
12.9.2015
न हुई
तुम न आए तो क्या सहर न हुई
हाँ मगर चैन से बसर न हुई
मेरा नाला सुना ज़माने ने
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई
संवार सकती थी
मैंने तनहाई को चुना है ख़ुद,
मैं भी दुनिया संवार सकती थी..
जाने कितने दबाव थे मुझपे,
चाहती तो मैं हार सकती थी,
उर्मिला माधव,
12.9.2018
Tuesday, 10 September 2019
क्या है
दिल,जिगर,दामन,गरेबाँ,चाक सब,
अब समझना है हमें ये चैन क्या है ?
::::::;;
Dil,jigar,daaman,garebaa'N chaak sab,
Ab samajhna hai hamen ye chain kya hai ?
उर्मिला माधव...
11.9.2016
आलमपनाह
मेरे जितने दोस्त थे सब हो गए आलमपनाह,
अब रिआया हैं न उनके दोस्तों में ही शुमार,
उर्मिला माधव,
11.9.2017
सन्नाटा है
चंडूख़ाने की दीवार गिरानी पड़ सकती है,
दीवारों के पार अजब सा। ....सन्नाटा है...
उर्मिला माधव,
11.9.2017
फिरता है
कितने सारे। ...दर्द समेटे फिरता है,
दिल ये आहें। ..सर्द समेटे फिरता है,
जब चाहे तब दुनियां अपनी रच डाले
बेमतलब की। ..गर्द समेटे फिरता है
उर्मिला माधव
क्यों आते हो
दुनियां से नाराज़ नज़र क्यों आते हो ?
झगड़े का आग़ाज़ नज़र क्यों आते हो ?
सब खुशियां तो हासिल तुमको रहती हैं,
बे मतलब नासाज़ नज़र क्यों आते हो ?
उर्मिला माधव।।
बेख़ुदी
ये मुक़म्मल बेख़ुदी और दिल भी ज़िद पर आ गया,
इतना भी मजबूर मत रख ...हाशिये महफ़िल मुझे....
#उर्मिलामाधव...
10.9.2015...
रेत के रास्ते
रेत के रास्ते हैं
रह-रह के बिखर जाते हैं,
फिर भी चलना तो पड़ेगा,
कोई उद्देश्य लेकर क्या चलूँ मैं,
ये बताओ क्या करूँ चलना छोड़ दूँ?
अनवरत है यत्न मेरा दूर जाने के लिए
मेरी रातें थक गईं है,याद करके
चैन अब मिलता नहीं कोई बात करके
आत्म केंद्रित होकर जीना ठीक होगा
मैं किसी पीड़ा को सहलूं
मुझमें वो ताक़त नहीं
जो समय ने पीर दी है
बाँध के छज्जे पै रख दी,
तुम ज़रूरत थे मेरी,पर मुझे चलना पड़ा है
साथ ख़ुद के
क्या तुम्हें लगता है
ये परस्पर दूरियां मिट पाएंगी अब?
शायद मेरी तरफ से तो नही
अब ज़रूरत थी निरंतर साथ की
कौन समझाता तुम्हें
जो तुम्हें करना नहीं था
कर रहे हो
जाओ तुम आज़ाद हो
बस यहीं तक रास्ते मिलते थे अपने,
मुझको लौटाना तुम्हारा काम था,
क्या कहूँ पर
ये समझने में मुझे सदियाँ लगी हैं
तुम ज़माने के लिए हो,लौट जाओ..
सबके पाने के लिए हो लौट जाओ
दिल दुखाने के लिए हो लौट जाओ
हाँ मैं कहती हूँ तुम्हें तुम लौट जाओ
यूँ भी तो अब मैं नहीं आउंगी तुम तक
लौट जाओ लौट जाओ लौट जाओ...
#उर्मिलामाधव
10.9.2015
Monday, 9 September 2019
Sunday, 8 September 2019
तक़दीर का हम
क्यूँ करें शिकवा तेरी तहरीर का हम,
जानते हैं फैसला तकदीर का हम ...
सांप हमने पाल् के रख्खे है घर में,
जानते हैं हौसला हर तीर का हम ....
उर्मिला माधव
९.९.२०१३
आइंदा नहीं
उम्र से ज़्यादः कोई जिंदा नहीं,
चार पल है सिर्फ़,आइन्दा नहीं,
बेहयाई ओढ़ के बैठा हुआ जो,
गलतियां करके भी शर्मिंदा नहीं....
उर्मिला माधव...
9.9.2014...
क़ब्र लगता है
सब ज़माना ये क़ब्र लगता है,
चूँकि जीना ही जब्र लगता है,
ख़ुद को इंसान भी जताने में,
उम्र लगती है...सब्र लगता है,
#उर्मिलामाधव..
9.9.2015
Friday, 6 September 2019
बार ए मुहब्बत
क्या ही बेहतर हो उतारें,दिल से अब बार-ए-मुहब्बत,
कब तलक सजदा करें यूँ तुझको हम दार-ए-मुहब्बत..
उर्मिला माधव..
7.9.2016
रख देते हैं
सब लोग बहुत कुछ कहते हैं हम फ़ेक हंसी हंस देते हैं,
ढकने को अपने अश्क़ दुपट्टा आरिज़ पे रख देते हैं,
उर्मिला माधव,
7.9.2017
सोए नहीं हैं
जब से हुआ बिछोह तुम्हारा,तब ही से हम सोये नहीं हैं,
स्वयम अश्रुधारा बहती है,"राम कसम" हम रोये नहीं हैं,
दुविधाओं ने जीवन घेरा........स्थितप्रज्ञ हुआ मन मेरा,
कंटक जाल नियति ने सौंपे....अपने हाथों बोये नहीं हैं.
उर्मिला माधव..
Thursday, 5 September 2019
साबित हो मियां
एक तबक़ा जो मुहब्बत क़ौम पर ख़ारिज़ करे,
इस तरह से बे-गुनाही कैसे साबित हो मियाँ
--------------------------------------------------
ek tabqaa jo muhabbat qaum par khaariz kare,
iss tarah se be- gunaahii kaun phir saabit kare...
उर्मिला माधव....