ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 25 November 2019
नहीं होती
पहले होती थी फ़िक़्र दुनियां की,
अब ...किसी बात की नहीं होती,
ज़िन्दगी ......जितनी है हमारी है,
दिन की ...या रात की नहीं होती...
उर्मिला माधव
26.11.2017
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