ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 29 November 2019
आफ़ताब
ऐसे भी रंग लाता है अज़मत का आफताब,
पुरज़ोर है तबस्सुम,दिल ग़म से पाश-पाश ...
#उर्मिलामाधव....
29.11.2015
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