ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 4 November 2019
होश में आ जाइए
ज़रा ....होश में आ जाइये,
इनसान जी.. ..ये फितूर है,
वही तुम करो .तो अना हुई?
वही हम करें ...तो ग़ुरूर है?
उर्मिला माधव..
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment