Tuesday, 24 September 2019

सवालों पे गिरे

आँख से आंसू जो निकले,दिल के छालों पै गिरे,
देखने वालों ने समझा ........सिर्फ़ गालों पै गिरे,
होश कुछ आया तो देखा ...घर धुंएँ से भर गया,
ग़म तड़प कर रह गए,.और हम मलालों पै गिरे
उर्मिला माधव..
25.9.2015

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