ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 3 September 2019
अल्लाह की
पांव के नीचे ज़मीं और सर प हो परवरदिगार,
जी हुज़ूरी है हमें मंज़ूर, पर अल्लाह की,
उर्मिला माधव
4.9.3018
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