दुनियां से नाराज़ नज़र क्यों आते हो ? झगड़े का आग़ाज़ नज़र क्यों आते हो ? सब खुशियां तो हासिल तुमको रहती हैं, बे मतलब नासाज़ नज़र क्यों आते हो ? उर्मिला माधव।।
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