Thursday, 19 September 2019

बेईमान सब

बात करते हैं सियासत की.....यहाँ इन्सान सब,
अपनी ज़ाती ज़िन्दगी में,कितने हैं बेईमान सब,
सबकी बातों में सियासत,और घातों में सियासत,
बस अकेले वो हैं वाइज़........बाकी हैं नादान सब...
उर्मिला माधव...
१९.९.२०१३

No comments:

Post a Comment