अजनबी अतराफ़ हैं,और ये मुक़म्मल फ़ासले, कितना बढ़ता जाएगा,रुकजा ज़रा तो साँस ले, शौक है मिटने का,मिटजा,तेरी अपनी ज़िंदगी, पहले दिल पे हाथ रखले,फ़ैसला तब ख़ास ले.. उर्मिला माधव... 25.9.2013
अतराफ़---दिशाएँ..
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