Wednesday, 11 September 2019

संवार सकती थी

मैंने तनहाई को चुना है ख़ुद,
मैं भी दुनिया संवार सकती थी..

जाने कितने दबाव थे मुझपे,
चाहती तो मैं हार सकती थी,
उर्मिला माधव,
12.9.2018

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