वक़्त ने .जब-जब सताया है बहुत, रंज-ओ-ग़म चेहरे पे आया है बहुत, दी मुआफ़ी हर किसी गुस्ताख़ को, जब वो मुझ पे मुस्कुराया है बहुत.. उर्मिला माधव... 17.9.2016
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