Sunday, 1 September 2019

बाक़ी है

ग़म-ए-ज़ीस्त दर्द-ए-जिगर ख़ूब संभाला हमने,
अब तो बस दूसरी दुनियां का सफ़र बाक़ी है.....
#उर्मिलामाधव...
2.9.2015

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