Tuesday, 10 September 2019

आलमपनाह

मेरे जितने दोस्त थे सब हो गए आलमपनाह,
अब रिआया हैं न उनके दोस्तों में ही शुमार,
उर्मिला माधव,
11.9.2017

No comments:

Post a Comment