ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 22 December 2019
हमने
वो अपने ग़म को इशारों में कर रहे थे बयां,
मगर तमाम उम्र ही बुत बन के काट दी हमने..
उर्मिला माधव,
23.12.2017
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