ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 9 December 2019
क़ता--- मुस्कुराने लगे
ग़म यूँ ही दुश्मनों को बताने लगे,
ये समझने में हमको ज़माने लगे,
हाल क्या है हमारा ये पूछा मगर,
दर्द सुन करके वो मुस्कुराने लगे,
उर्मिला माधव....
10.12.2014....
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