ये मेरे शेर और क़तआत ---
Monday, 9 December 2019
हक़ीक़त नहीं है
किसीको किसी से मुहब्बत नहीं है,
दिखावा है प्यारे हक़ीक़त नहीं है,
बिना बात ख़ुद को न हलकान करना,
किसी भी मरासिम की क़ीमत नहीं है..
हमीं मुस्कुरा कर गले पड़ रहे थे,
जहां में किसी की ये आदत नहीं है..
उर्मिला माधव,
10.12.2017
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment