Saturday, 7 December 2019

सह्ल हूँ

मैं मुब्तिला-ए-ग़म हूँ पर ना शिकस्ता दिल हूँ,
बिस्मिल भी हूँ सही है....हर गाम पाब दिल हूँ
कोई रहनुमां नहीं है....ना ही कोई हमक़दम है,
पर दिल में है बुलंदी.....और आदतन सहल हूँ...
उर्मिला माधव...
१३.१०.२०१३
पाब दिल ----गिरफ्तार

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