ये मेरे शेर और क़तआत ---
Saturday, 4 August 2018
रंग को
जलती आँखों से ही देखा है तिरे हर रंग को,
देखना,ख़ामोश रहना,और हम करते भी क्या
उर्मिला माधव..
5.8.2016
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