Thursday, 16 August 2018

लफ़्ज़ हैं

हक़,हक़ीक़त और हुकूमत,ये कहाँ के लफ़्ज़ हैं,
हम रिआया हैं फ़क़त और तालिब-ए-तक़दीर हैं....
उर्मिला माधव..
17.8.2015..

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