थोडा सा इल्म है तो दिल की ज़बान पढ़ लो , लिखती हूँ मैं मुसलसल मेरा बयान पढ़ लो , पढने को सब कहेंगे हिन्दू हो या मुसलमान , मज़हब की लाज रख लो गीता क़ुरान पढ लो .. उर्मिला माधव ... २६.८.२०१३
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