Tuesday, 7 August 2018

आज़ाद हुआ

एक लहर ख़ुशी की दौड़ गई जब सुना वतन आज़ाद हुआ,
सब रन्ज-ओ-अलम से टूट गए जो आज़ादी के बाद हुआ
आपस की छीना झपटी में, तक़सीम सभी कुछ कर डाला,
बरपा है क़हर परचम के तले इस क़दर वतन बरबाद हुआ..
उर्मिला माधव..
8.8.2013

No comments:

Post a Comment