Thursday, 23 August 2018

बेटी का गुस्सा

हाँ मैं पत्थर हूँ मुझे तुम तोड़ डालो,
खूब तबियत से मेरी किरचें उछालो,
जब जहाँ चाहे मेरे टुकड़े लगा कर,
तुम दरो दीवार की इज्ज़त बचालो.....
उर्मिला माधव....
24.8.2015

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