Wednesday, 29 August 2018

बात कहते हैं

फरेब-ओ-मक्र से लबरेज़ हरक़त ..बे मआनी है
बमुश्किल रोक कर ख़ुद को यही एक बात कहते हैं..
उर्मिला माधव...
30.8.2016

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