Sunday, 26 August 2018

मेहराब के नीचे

खड़े रोते हैं अब घर की किसी मेहराब के नीचे
कहीं ये ग़म भी छुपते हैं,दर-ओ-दीवार के पीछे...????
उर्मिला माधव...
27.8.2014...

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