ज़िंदग़ी.........तार-तार देखो ना, ज़ख्म के.......आर पार देखो ना, ये भी हैरत है. तुम समझ न सके, आओ तब......बार-बार देखो ना.... उर्मिला माधव... 6.8.2014...
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