ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 1 August 2018
वाजिब नहीं
वहशतें,वीरानियाँ,बेपर्द हों वाजिब नहीं,
आजकल शीरीनियों से सस्तमोली है नमक,
उर्मिला माधव,
2.8.2017
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