ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 19 August 2018
रंज या के वाह
कितने क़रीब आके हुए बे-नक़ाब वो,
हम सोचते रहे के करें रंज या के वाह!!
उर्मिला माधव....
20.8.2016
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