ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 31 August 2018
मिली सी लग रही है
अभी काली घटा में एक बिजली ज़ोर से चमकी,
सहर और शाम आपस में, मिली सी लग रही है,
उर्मिला माधव
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