चाहत थी हमें जिसकी वो प्यार नहीं देखा , हमने तुम्हारे संग कोई त्यौहार नहीं देखा , जब- जब भी जहां देखीं पाबंदियां ही देखीं , दुनिया में कोई तुमसा किरदार नहीं देखा ... उर्मिला माधव ... ३१.८.२०१३..
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