Sunday, 14 July 2019

नईं होते

दो चेहरे, चेहरे पे ......अच्छे नईं होते,
दूजे भी आकिल हैं, ...बच्चे नईं होते
काले दिल ऑ सोच फ़रेबी वा जी वा
ज़ाहिर है वो इंसां ….…सच्चे नईं होते,
उर्मिला माधव,
15.7.2017

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