ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 28 July 2019
आज़माना
सर तो हो लेकिन नहीं हो सर परस्त,
ज़िन्दगी को उस घड़ी तुम आज़माना..
उर्मिला माधव...
29.7.2016
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment