ज़र्क दिल पर,दिमाग़ पर भी है, अर्क आँखों का राख पर भी है, कोई शिकवा नहीं मगर इसमें, फ़र्क इज़्ज़त पै साख पर भी है, उर्मिला माधव... 8.7.2015
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