ज़ुल्फ़ को मेरी सुलझना ही कहाँ है?? आपसे हरगिज़ उलझना ही कहाँ है?? आज क्या दरक़ार होगी रहनुमायी?? आपको अपना समझना ही कहाँ है?? उर्मिला माधव.. 24.7.2013
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