ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 7 July 2019
आती है
जब तलक आख़री शाम घिरके आती है,
ज़िन्दगी कितने तजुर्बों से गु़ज़र जाती है..
उर्मिला माधव..
8.7.2013
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