Thursday, 4 July 2019

धुआं धुआं

बुझती है अगर आग तो अन्दर धुंआ-धुंआ,
बरहम है गर नज़र तो है मंज़र धुंआ-धुंआ,
उर्मिला माधव...
5.7.2014..

No comments:

Post a Comment