Wednesday, 3 July 2019

अहसास ए तग़ाफ़ुल

ज़ाहिराना तौर पर,.............उसने मुहब्बत ख़ूब की
फ़िर भी अहसास-ए-तग़ाफ़ुल,ख़ुद-ब-ख़ुद ही हो गया..
उर्मिला माधव,
4.7.2017

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