Friday, 26 July 2019

आ रही हैं

चिन्दियाँ दिल की समेटी जा रही हैं,
कतरनें उड़ कर इधर को आ रही हैं,
तेरी साँसों की महक सी लग रही है,
तेरे दामन से लिपट कर आ रही हैं..
Urmila Madhav..
27.7.2013

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