तेरा मेरा सिर्फ़ इतना राबिता है, तू एक भी इन्सां है, मेरी ही तरह, मुझसे मिलती जुलती तेरी इक अदा है, ख़ुद पे तू नाजां है मेरी ही तरह उर्मिला माधव
No comments:
Post a Comment