ये मेरे शेर और क़तआत ---
Wednesday, 17 July 2019
दह्र ने
मेरी वफ़ा की शक़्ल बिगाड़ी है दह्र ने,
वरना मिरे मिज़ाज में तल्ख़ी कभी न थी...
उर्मिला माधव…
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment