बात करते हो ज़मीं की रात-दिन, क्या ज़मीं पर बैठकर देखा भी है ? हर कोई रखता है ख़ुशबू,ज़ेहन में. ख़ुद को ख़ुशबू में कभी खोया भी है ? उर्मिला माधव... 4.7.2016
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