Thursday, 25 July 2019

क्यों हो

अश्क़ों के रोकने को,पलकों पे ज़ब्र क्यों हो
दिल को दबा के अपनी आहों पे ज़ब्त रखना,
उर्मिला माधव,
26.7.2018

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