Saturday, 28 February 2026

सीख लेगा

सीख लेगा अब ये दिल भी ज़ब्त का जो तौर है,
ग़ैर की महफ़िल की जानिब तेरा चश्म-ए- ग़ौर है,
ख़ुद ही शर्मिन्दा हैं खुद से,ग़ैर से शिक़वा ही क्या,
वो जो तेरी रह गुज़र थी उसका रुख़ कुछ और है .....उर्मिला माधव
1.3.2013

एहतराम करते हैं

♥ ♥
tera hum ahtraam karte hain,
tujhko dil se salam karte hain..
mere hathon main kuchh nahin phir bhi,
jaan-o dil tere naam karte hain...Urmila Madhav..
1.3.2013

सब के सब बहरूपिए

सियासत के नाम...
-------------------
सब के सब बहरूपिये से हो गए हैं,
चंद सिक्कों की ख़नक में,खो गए हैं,
दर्द की आवाज़ ये सब क्या सुनेंगे,
कान में उँगली लगा कर सो गए हैं....
उर्मिला माधव...
१.3.२०१४ ...

ज़िंदगी कमाल करे

ज़िन्दगी कमाल करे.....कैसे-कैसे हाल करे,
कोई जब सवाल करे..कहो क्या बताएँ हम??
हर घड़ी मलाल करे,ऐसी कुछ मिसाल करे,
रंज-ओ-गम बहाल करे,पार कैसे पायें हम ??
उर्मिला माधव..
1.3.2016

हो तो सही

क्यों गुज़ारिश करूँ समंदर से,
तिश्नगी, तिश्नगी सी हो तो सही....
उर्मिला माधव...
1.3.2016

आकिल है

हर एक शख़्स यहाँ ख़ुद-ब-ख़ुद में आकिल है,
तो फिर वो कौन हुए,...जिनको बेवकूफ़ कहा ?
🤔🤔🤔🤔🤔
Har ek shakhs yahan,khud-b-khud men aaqil hai,
To Phir wo kaun hue, jinko bewakuf kahaa?
उर्मिला माधव,
1.3.2017

बंदगी

बन्दग़ी, नाम है तमाशे का,
ग़ैर मुमकिन है,ग़म ग़लत होना,
उर्मिला माधव

जो हुआ वो ख़ूब है

और कितना आज़माना जो हुआ वो ख़ूब है 
तुम वही हो हम वही राज़-ए-निहाँ कोई नहीं 

है नया कुछ भी नहीं क्यूँ इस क़दर हैराँ हुए 
साथ चलने को तुम्हारे ऐ मियाँ कोई नहीं 
#उर्मिला_माधव
#बज़्म_ए_शोअरा✍

क्या करते

दिल में ख़ाहिश नहीं बची कोई,
हम तुझे देख कर भी क्या करते,
कोई मंज़र ही जब न जंचता हो,
तब भला फ़ैसला भी क्या करते..
उर्मिला माधव

Friday, 27 February 2026

तुमको कैसे मीत कहें हम

तुमको कैसे मीत कहेँ हम,
हार को कैसे जीत कहेँ हम,
जो अब तक ना देखी हमने,
उसको कैसे प्रीत कहेँ हम।।          
              उर्मिला माधव.....

कुछ टूट सा गया है

कुछ टूट सा गया है पर एहसास नहीं है,
शायद है दिल हमारा कुछ ख़ास नहीं है,
हम अहले वफ़ा हैं तो रहें इससे क्या सबब,
अब कुछ भी जुस्तजू के सिवा पास नहीं है।....
उर्मिला माधव.
28.2.2013

दिलकशी

पैदा,जज़्बों में दिलकशी करलो,
या करो यूँ के ख़ुदकशी कर लो,...
#उर्मिलामाधव....
28.2.2015...

ख़ामाख़यालियों में

ख़ामाख़यालियों में सुलगते हैं जिनके ग़म,
उनको दिलों की आग ही...जीने नहीं देती.....
उर्मिला माधव...
28.2.2017

इक ख़ालिश

इक ख़लिश लेके तोड़ दी हमने,
जिस को हम दोस्ती समझते थे,
उनको अपना बनाके देख लिया,
जो फ़क़त अजनबी समझते थे
उर्मिला माधव

हम खड़े थे

हम खड़े थे चाहने वालों की भारी भीड़ में 
आपने उलझा दिया बस अपने दिल तक खींच के..
उर्मिला माधव 

एक ज़रा सी बात पर

एक ज़रा सी बात से वो इस क़दर घबरा गए,
एक पल में तीर और तलवार लेकर आ गए,
उर्मिला माधव

मौसीकी के नाम पर

हम तो आए थे फ़क़त इक मौसीकी के नाम पर,
आपने तन्हा किया है अपने दिल तक खींच कर,
Urmila Madhav

लौटा दिया

अपने दर से उसने जब लौटा दिया,
मेरी इक तहरीर को रुसवा किया,
हम से क्यों उम्मीद है इक लफ़्ज़ की,
जब मेरा लिख्खा हुआ मिटवा दिया..
उर्मिला माधव

मौसीकी के नाम पर

हम तो आए थे फ़क़त इक मौसीकी के नाम पर,
आपने तन्हा किया है अपने दिल तक खींच कर,
Urmila Madhav

Thursday, 26 February 2026

ज़िंदगी ज़िंदादिली

ज़िन्दगी,ज़िन्दादिली बस नेमतों का हर्फ़ है,
है बुलन्दी एक जैसी, नाम भर का फ़र्क है,
भूल जाए ज़िन्दगी को जो इसे रुसवा करे,
ऐसी रुसवाई के मानी तो ज़रेब-ए-ज़र्फ़ है ।
....उर्मिला माधव..

आंसू से भरी हैं ये आँखें

"आँसू से भरी हैं ये आँखें, ज़ख़्मों से भरा ये सीना है,
बरपा है क़हर तक़लीफों का, आया होठों पै पसीनाहै,
हर ज़ख़्म लहू जब देता है, मजबूर नज़र चकराती है,
तू शान-ए-क़रीमी रख भी ले तूफां में अब ये सफीना है।। 
उर्मिला माधव...

तस्वीरे कायनात का रुख

तस्वीरे कायनात का रुख़ कब बदल गया,
हाथों की उंगलियों प कहाँ गिन सका कोई...
उर्मिला माधव

Wednesday, 25 February 2026

तुमसे है कितनी मुहब्बत

तुमसे है कितनी मुहब्बत क्या बताएँ ?
हाँ , तुम्हारी भीड़ का हिस्सा नहीं हम
उर्मिला माधव 

करके नहीं थका

एक तू है कभी बेवफ़ाई करके नहीं थका,
एक मैं अकेली तुझसे वफ़ा करके थक गई,
उर्मिला माधव

Tuesday, 24 February 2026

वफ़ा छोड़ जाऊंगी

ऐसे कभी भी तुमसे न मिलने मैं आऊंगी,
मर भी गई तो अपनी वफ़ा छोड़ जाऊंगी..
उर्मिला माधव

आना था

उसने आवाज़ दी तो आना था,
हम हैं बीमार ये बताना था,
उसके कहने पे हम हैं हाज़िर भी,
वरना क्या ख़ाक ये ज़माना था..
उर्मिला माधव

सावन उदास क्यों है


बारिश तो हो रही है सावन उदास क्यूँ है?
तनहाइयों का आलम ही आसपास क्यूँ है?
काली घटा के साये घिर-घिर के आ रुहे हैं,
अब तेरी मुहब्बत का ऐसा लिबास क्यूं है?.....
उर्मिला माधव
25.2.2013

बीच राह में छोड़कर


वो ख़फ़ा हुए और चले गए,
मुझे बीच राह में छोड़ कर,
मेरी बात तक भी सुनी नहीं,
हूँ अभी तलक उसी मोड़ पर,
बड़ी बे-रुख़ी सी दिखा गए,
मेरे दिल को तोड़ मरोड़ कर ।।
...उर्मिला माधव..

गुलबदन कह दो मुझे


गुल नहीं बुलबुल नहीं तुम गुलबदन कहदो मुझे,
अपने गुलशन की फ़िज़ाँ का रंग-ए-गुल देदो मुझे,
अपने शाने पर मेरा सर देखना तुम दम ब दम,
अपनी साँसों की तपिश का ज़लज़ला देदो मुझे,
और उसी अन्दाज़ में मर जाऊँ है ख़्वाहिश मेरी,
तुम ज़ुबाँ से हाँ कहो एक सिलसिला देदो मुझे ।।....उर्मिला माधव
25.2.2013

इतनी ऊंची उड़ान

इतनी ऊंची उड़ान मत करना,
चाह को आसमान मत करना,
 
बात कहना तो वो मुक़म्मल हो,
अपनी झूठी ज़बान मत करना,
उर्मिला माधव 

रब की दुआ

जिसमें रब की दुआ न शामिल हो,
वो इबादत हराम है मुझको,
जिसमें रब की रज़ा न शामिल हो,
वो इजाज़त हराम है मुझको...
उर्मिला माधव 

मुश्किल ओ हादिसात से घबरा गए हैं हम

इंसाँ की ज़िंदगी भी

इंसाँ की ज़िन्दगी भी हर ग़ाम इम्तिहाँ है,
तौफ़ीक़ मुझको देदे आब-ए-हयात रखलूँ,
कैसी भी रहगुज़र हो रफ्तार हो मुकम्मल,
महफ़िल में आलिमों की अपनी बिसात रखलूँ
उर्मिला माधव....

Monday, 23 February 2026

रंजो ग़म

मैं फ़क़त रंज-ओ-ग़म समझती हूँ,
और सब कम से कम समझती हूँ,
उर्मिला माधव..

Sunday, 22 February 2026

इक तमाशा

इक तमाशा था बहुत लंबा चला,
बिल वजह बिन बात के अच्छा चला
बिन किसी मंज़िल के वो ज्यादा चला,

हम बहुत कोशिश में थे, सब भूल जाएं,
बिन किसी बुनियाद के ज़्यादा चला, 
उर्मिला माधव 

Saturday, 21 February 2026

गली गली में

गली-गली में ग़ालिब मिलते,हर नुक्कड़ इक मीर मिले,
बड़े ग़ज़ब के तेवर इनके जैसे इक शमशीर मिले,

बड़ी हिक़ारत से देखा जब उनसे दुआ सलाम हुई,
सोच रहे थे वो आख़िर क्यों मुफ़लिस को जागीर मिले,
उर्मिला माधव...
12.9.2016

मुलाक़ात नहीं होगी


अब तुमसे ज़िन्दगी में मुलाक़ात नहीं होगी,
गर लौट भी आओगे तो वो बात नहीं होगी,
क़दमों पै जब तुम्हारे सजदे किये थे दिलने,
अब चाह कर भी ऐसी ख़ैरात नहीं होगी..।।.....
उर्मिला माधव..
22.2.2013.

जबसे तुम्हारे प्यार में बहने

जब से तुम्हारे प्यार में बहने लगे थे हम,
इस ज़िंदगी को ज़िंदगी कहने लगे थे हम..
उर्मिला माधव 

आती है नानी याद हमें

आती हैं नानी याद हमें,
जब पानी भी नईं मिलता है,
जो फूल तुम्हें मन भाता है,
वो पानी से ही खिलता है..
उर्मिला माधव..
22.2.2016

घर

घर दुविधाओं ने घेरा है,
लगता है बहुत अँधेरा है,
लो नींद उड़ा दी मस्तों ने,
कुछ नकली वतन परस्तों ने,

ख़ाक छान के

ख़ाक छान के इतना ही जाना है बस 
दुनियांदारी अपने बस की बात नहीं,
उर्मिला माधव,
22.2.2018

फिर से जीने का इरादा

फिर से जीने का इरादा कर लिया क्या?
तुमने अपने ग़म से वादा कर लिया क्या?

आज कल क्या बात से फिरते नहीं तुम?
सच बताओ, दिल कुशादा कर लिया क्या?
उर्मिला माधव

जी से हर शख़्स

जी से हर शख़्स जब उतर जाए
राबिता दरमियां बिखर जाए,
हक़ बुलंदी है सिर्फ़ ख़ामोशी,
बस किसी ग़ैर के न घर जाए...
उर्मिला माधव,

Thursday, 19 February 2026

शहर में देखा था

हमने तुमको ग़ैर शहर में देखा था,
धक से रह गए ख़ास नज़र में देखा था 
तस्वीरों का क्या है एडिट हो जाती हैं,
हैरत ये है तुमको डर में देखा था..
उर्मिला माधव

नहीं संभले

एक क़ता----
बाद मुद्दत भी वो नहीं संभले,
उनकी किस्मत की नातवानी है, 
उनके किस्से में एक किस्सा है,
चस्पां किस्से में एक कहानी है...
उर्मिला माधव ...
20.1.2014..

अदब

तुमने अपना अदब कहाँ खोया??
मुझको है चोट मन बहुत रोया,
-------------------------------
tumne apna adab kahaan khoya ??
mujhko hai chot man bahut roya...
Upadhyay Urmila...
20.202014..

झुंड बस

झुण्ड बस गीदड़ों का होता है,
शेर की एक दहाड़ काफ़ी है....
#उर्मिला माधव...
20.2.2015..

मुहब्बत हम नहीं करते

बड़े ठसके से यूँ बोले.......मुहब्बत हम नहीं करते,
तो हमने कह दिया जाओ,मियाँ हम गम नहीं करते,
उर्मिला माधव...
20.2.2016

सब परिधिया

सब परिधियाँ अर्थ अपने खो चुकी हैं सृष्टि में,
अब रहा संसार .......सो है शून्य मेरी दृष्टि में,
कौन गणनाएँ करे आघात ऑर प्रतिघात की,
चेष्टाएँ सब उपेक्षित .....पीर की अतिवृष्टि में,
उर्मिला माधव...
15.11.2016

Monday, 16 February 2026

तू जो मेरा दोस्त है

तू जो मेरा दोस्त है तो आ इसे साबित तो कर,
वरना ये सब उम्र भर भटकन किसे मंज़ूर है,
हम चले जाएंगे इक दिन तेरी दुनिया छोड़कर 
फिर न कहना ये किसी से यार दिल्ली दूर है,
उर्मिला माधव

क्यों शुमार करते हो

मौसिक़ी क्यों शुमार करते हो,
उसपे कहते हो, प्यार करते हो,
हमको कैसे यक़ीन हो आख़िर,
तुम तो सब कुछ बज़ार करते हो..
उर्मिला माधव

Thursday, 12 February 2026

कर दिया इनकार उसने

जब हमें पहचानने से कर दिया इनकार उसने,
और हम कहते भी क्या बस ये कहेंगे दुख हुआ,
कौन अब जाता है इतनी दूर चल कर अय मियां,
उससे मिल कर क्या बताएं ये कहेंगे दुख हुआ.
उर्मिला माधव

Wednesday, 11 February 2026

उजड़े हुए दयार

उजड़े हुए दहर में कहाँ मुस्कुराऊँ में?
वीरान हर शहर है कहाँ बच के जाऊँ में?
सैलाब जैसा आया था इस हाल से रोए,
आँसू भी ख़ुश्क होगए अब क्या बहाऊँ मैं?.......
उर्मिला माधव..
12.2.2013

हमको निगाहे नाज़ से

हमको निगाहे नाज़ से देखा तो क्या किया,
दिलदार वाले ढब से ज़रा हौसला करो,
तुम चाँद-चाँद कहके बहुत दूर हो गए,
अब ग़ालिबाना हक़ भी कभी तो अदा करो,.....
उर्मिला माधव.
12.2.2013

ज़िंदगी से खेलती

ज़िन्दगी से खेलती रहती हूँ मैं,
ग़म हज़ारों झेलती रहती हूँ मैं,

इक सुकून-ओ-चैन पाने के लिए,
कितने पापड़ बेलती रहती हूं मैं,
उर्मिला माधव
12.2.2019

शबनमी

शबनमी अश्कों का पलकों पर बसेरा हो गया,
कुछ ज़ियादा बोझ था, दिन बिन ढले ही सो गया,

ग़म रहेगा

उंसियत मुझको कोई दरकार कब है,
हां मगर जो ग़म है, वो तो ग़म रहेगा,
उर्मिला माधव

ज़िंदगी भर

ज़िन्दगी भर जिसको दर आग़ोश रखते, 
हमने कोई शख़्सियत ऐसी न देखी..
उर्मिला माधव,

वक़्त ही बतलाएगा

कौन किसको छोड़ देगा वक़्त ही बतलाएगा,
कौन कब दम तोड़ देगा वक़्त ही बतलाएगा,
एक हम्बल आदमी हैरान कर सकता है जब
किस तरफ़ दिल मोड़ देगा,वक़्त ही बतलाएगा
उर्मिला माधव

बचालो

मैं ख़ुद को तोड़ने पर तुल गई हूं,
चले आओ मुझे मुझसे बचा लो..
मेरी आंखों में आकर दम रुका है,
ये ख़ाहिश है कि सीने से लगा लो..
उर्मिला माधव

डॉक्टर को देखो अभी

तुम किसी और को तलाश करो
मैं तुम्हारी तलाश हूं ही नहीं
तुम किसी डॉक्टर को देखो अभी,
मैं कोई आब पाश हूं ही नहीं..
उर्मिला माधव

ख्वाहिश नहीं बची कोई

दिल में ख़ाहिश नहीं बची कोई,
हम तुझे देख कर भी क्या करते,
कोई मंज़र ही जब न जंचता हो,
तब भला फ़ैसला भी क्या करते..
उर्मिला माधव

आशिक़ी छांटा करो

अय मियां तुम आशिक़ी छांटा करो,
हर किसीको अपना दिल बांटा करो,
चार दिन की है जवानी ...और क्या,
जो भी रोके उस को तुम डांटा करो...
#उर्मिलामाधव..

Tuesday, 10 February 2026

खोए ही नहीं

तुम जानते हो रात भर हम सोए ही नहीं 
आज़ार था बुखार का बस रोए ही नहीं 
तस्वीरें गिन रहे थे सितारों की तर्ज़ पर
क़ायम हमारा होश था बस खोए ही नहीं...
उर्मिला माधव

तुम जानते हो

तुम जानते हो रात भर हम सोए ही नहीं 
आज़ार था बुखार का बस रोए ही नहीं 
तस्वीरें गिन रहे थे सितारों की तर्ज़ पर
क़ायम रहा था होश कि बस खोए ही नहीं..
उर्मिला माधव

भुला दिया मुझको

अपना आपा भुला दिया मुझको,
जाने क्या–क्या भुला दिया मुझको..
मैं भी ख़ुद को बुरा समझने लगी,
इतना ज़्यादा भुला दिया मुझको,
उर्मिला माधव

वक्त बाक़ी है

अभी तो रात गुज़रने में वक़्त बाक़ी है
अभी से फ़ैसला करने का हक़ नहीं तुमको 
हमारी रफ़्त का हिस्सा है सिर्फ़ हंस देना,
बला का हौसला करने का हक़ नहीं तुमको
उर्मिला माधव

Monday, 9 February 2026

मैं आइना हूं मुझे इस तरह बुरा न कहो 

तुम्हारे दाग़ दिखाने का काम क्यों हो मुझे,
ये ख़ून ए ज़ख़्म है इल्ज़ाम मुझको देते हो

नहीं है रंगे हिना इसपे तज़्किरा न कहो,

राज़ रखेंगे

हम रोयेंगे ज़रूर मगर राज़ रखेंगे,
तस्वीर तेरी दिल के बहुत पास रखेंगे,
कितने भी बिलख जायेंगे ज़ाहिर न करेंगे,
यूँ अपनी ज़िन्दगी को बहुत ख़ास रखेंगे।।..
उर्मिला माधव..
10.2.2013

Sunday, 8 February 2026

ख़ुमार है

तेरे इश्क़ में जो ख़ुमार है
तेरी बन्दग़ी से जो प्यार है 
मुझे फ़िक्र है न गिला कोई
मेरी रूह तुझपे निसार है
मेरा दिल है तुझसे ही आशना
नहीं ग़ैर नज़रे शुमार है.......।।
उर्मिला माधव....
15.10.2013..

गुरूर होता है

जिसको ख़ुद पर ग़ुरूर होता है,
शख़्स वो बे-शऊर होता है,

शख़्सियत उसकी कुछ नहीं होती,
फिर भी बहमों से चूर होता है,

जिसको हर जान से मुहब्बत हो,
उसके चेहरे पे नूर होता है,

ख़ुद ही ख़ुद मे जो कोई जीता है,
हर कोई उससे दूर होता है,

खुद को सबसे जुदा दिखाना ही,
बस दिमाग़ी फ़ितूर होता है,

सबके दिल में जगह बना पाना,
एक उम्दा सुरूर होता है ।।...
उर्मिला माधव...
९.२.२०१४..

यंत्रणा

प्रेम भी एक मृत्यु जैसी यंत्रणा है,
भावना की और ह्रदय की मंत्रणा है...
उर्मिला माधव...
९.२.२०१४...

हिसार कहां

ज़िंदगी जिसमें बहुत देर रुका करती थी,
वो सनमख़ाने कहाँ और वो हिसार कहाँ,
उर्मिला माधव,
9.2.2017.

दूरी

जिसे हम चांद कहते हैं उफ़क़ से देखता है वो,
ज़मीं पर हम खड़े हैं और हज़ारों मील की दूरी..
उर्मिला माधव 

Saturday, 7 February 2026

मग़रूर जैसे

लोग कुछ मगरूर जैसे लग रहे थे,
खुद ही खुद में,चूर जैसे लग रहे थे
वो बहुत मीठी ज़बां सब बोलते थे,
थे वहीँ.....पर दूर जैसे लग रहे थे,
उर्मिला माधव...
8.2.2014..

नींद आई

नींद आई तो ख़्वाब देखेंगे,
जोड़ बाक़ी,हिसाब देखेंगे
कैसे ख़ुद पै हंसे कहाँ रोये,
दिन का लब्बो लुवाब देखेंगे....
#उर्मिला
8.2.2015...

नहीं चाहती हूं

मैं ये तेरी दुनियां नहीं चाहती हूँ,
मुझे मेरी दुनियां बनाने का फ़न दे,

मिरा चश्मे गिर्या से क्यों राबिता हो,
मुझे मेरी खुशियां मनाने का फ़न दे,
उर्मिला माधव 

यही तो बात है सईयो

एक छोटी सी नज़्म ...

यही तो बात है सईयो, .....हमें झुकना नहीं आता,
अगर हम सर झुकाते तो हमारी जां निकल जाती,
तो फिर जीने के क्या मानी, कहानी ही बदल जाती,
हमें तसलीम करने का .......सलीक़ा ही नहीं आया,
अगर आता तो हर मुमकिन, तबीयत भी संभल जाती,
उर्मिला माधव

ज़रूरत क्या है

कोई भी इल्ज़ाम लगाने की ज़रूरत क्या है?
बात बे बात बिखर जाने की ज़रूरत क्या है?
जो भी शिकवा हो उसे कहके बराबर करलो,
फिर ये जज़्बात छुपाने की ज़रूरत क्या है?...
उर्मिला माधव..

Friday, 6 February 2026

तुमको निहारूं

tumko nihaarun umr bhar ye chahta hai dil, miraa
kitne pyaare hath hain or chehra jhilmil chand saa, 😊😊
Urmila Madhav..

हद से ज़्यादा

हद से ज़्यादा खुदा की...अना हो गयी,
मेरे हाथों की मेंहदी......फना हो गयी,
नाम जिसका लिखा था जबीं पर मेरी,
उम्र भर को वो बिंदिया..मना हो गयी....
उर्मिला माधव...
7.2.2014

जोश क्यों

सब सहम कर होगए,खामोश क्यूँ??
अब नहीं आता किसीको जोश क्यूँ??
वो कहाँ हैं जो अभी तक...साथ थे??
कुछ बताओ हो गये गुम होश क्यूँ ??
उर्मिला माधव...
7.2.2014...

Thursday, 5 February 2026

नींद मुझको

नींद मुझको जोर से अब आ रही है,
देह बिस्तर पर बिखरती जा रही है,
इसलिए अब कल सुबह मैं आउंगी,
वो सुबह जो कल सुबह ही आ रही है....
उर्मिला माधव... 
6.2.2o14

ख़ुश क़िस्मती हमारी

ख़ुश किस्मती हमारी करते हैं सब मुहब्बत,
क्यूँ दुश्मनी लगे है,...ज़ाहिर तो हो बिरादर.....
#उर्मिला 
6.२.2015

पंखों से उड़ गए हैं

पंखों पै उड़ गए हैं,ख्वाब-ओ-ख़याल मेरे,
रश्कों से जुड़ गए हैं,..कितने कमाल मेरे.....
#उर्मिला 
6.२.2015

ज़रा सुनना

ज़रा सुनना जहाँ वालो ....हमें ऊपर को चढ़ना है,
अगर कोई सर मुहैया हो तो हमको इत्तिला करना,
.............
Zara sunna jahan walo,Hamen oopar ko chadhana hai,
Agar koii sar muhaiya ho to hamko ittila karna..
उर्मिला माधव ..
6.2.2017

Wednesday, 4 February 2026

फ़िक्र मिटा डालो

सबसे पहले दिल से फ़िक्र मिटा डालो,
इधर उधर जो भी हैं ज़िक्र मिटा डालो,
जैसा भी होना है सब ख़ुद हो जाना है,

Tuesday, 3 February 2026

जमादे रंग बस अपना

जमादे रंग बस अपना...कि मौसम हो तो ऐसा हो,
हकीक़त भी लगे सपना कि मौसम हो तो ऐसा हो,
नज़र की हद तलक तो है....वसंती रंग की दुनियां,
न हो खुर्शीद में तपना....कि मौसम हो तो ऐसा हो....
उर्मिला माधव...
4.2.2014....

चाह करते ही नहीं

हम नज़र से देख कर भी वाह करते ही नहीं,
हो रहो तुम बेवफ़ा,हम आह भरते ही नहीं,
पास आओ दूर जाओ ये मशक़्क़त तुम करो,
हम मुहब्बत की तुम्हारी चाह करते ही नहीं ...
#उर्मिलामाधव..
4.2.2016

ज़ख़्म गिनती में चार

ज़ख़्म गिनती में .....चार लगते थे,
ये भी दुनियां ही गिन सकी शायद...
उर्मिला माधव ..
4.2.2017

कुछ इरादे

कुछ इरादे ज़िन्दगी के यूँ भी हो जाते हैं चूर
हम नहीं चाहें मगर दुनियां उड़ा देती है होश
उर्मिला माधव
4.2.2018

पहले बिखरे सांप मिले हमको

सबसे पहले बिखरे सांप मिले हमको,
फिर ये देखा सबका एक पिटारा था,
उर्मिला माधव

तुम्हारा जाना ही

तुम्हारा जाना ही मुश्किल में डाल देता है,
कैसे बतलाऊं मेरा दिल निकाल लेता है,
हम बिखर जाएं चलो ठीक कभी यूं भी सही
ख़ैरियत ये है कि महफ़िल संभाल लेता है...
उर्मिला माधव

Monday, 2 February 2026

इक ख़ुशी

जितना आसां हैं ..ख़ुदकुशी लिखना,
उतना मुश्किल है इक ख़ुशी लिखना..
#उर्मिला
3.2.2015..

उम्र भर चलते रहे

उम्र भर चलते रहे बस यूँ मेरे तनहा क़दम,
रहनुमाई भीड़ की ज़न्जीरे पा लगती रही। ...
उर्मिला माधव। ...
3 .2 .2017

फ़र्शी सलाम

कौन था,किसने किया,गंगा को यूँ फर्शी सलाम,
ऐसा क्या सजदा किया जो फिर नहीं उठ्ठा कभी...
उर्मिला माधव। ....
3 .2 .2017

हवा में बह गए

उम्र भर वो याद मुझको रह गए,
बिन कहे जो सारी दुनियां कह गए,
रास्ते तो आज तक भी हैं वहीं,
एक वही थे जो हवा में बह गए,
उर्मिला माधव..
3.2.2018

जिसको चस्का हो

जिसको चस्का हो शराबे वस्ल का,
वो मज़ा क्या पाएगा दरअस्ल का,
कितनी शिद्दत है किसीकी चाह में
इम्तिहां हो आदमी की नस्ल का ।। 
उर्मिला माधव.

प्यार का सिलसिला

प्यार का जब सिलसिला जाता रहा,
मुझको उस से हर गिला जाता रहा,

कोशिशें उसने मगर जारी रखीं,
जब भी जी चाहा मिला,जाता रहा,
#उर्मिलामाधव

Sunday, 1 February 2026

जान कर उसने

जान कर उसने उठाये ग़म बहोत,
ख़ासकर हमको दिखाए ख़म बहोत,
ग़ैर की ख़िदमत में है यूँ मुब्तिला,
देख कर ये मुस्कराये,हम बहोत....
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Jaan kar usne uthaaye gam bahot,
Hamko jab usne dikhaye,kham bahot,
Gair ki khidmat hai yun ,mubtila,
Dekh kar ye muskaraaye ham bahot..
उर्मिला माधव
27.1.2016

कोफ़्त होती है

कोफ़्त होती है हर इक हालात से,
उठ गया दिल आदमी की ज़ात से..
उर्मिला माधव
2nd February
2018

इक गुलामी की हदों

इक ग़ुलामी की हदों तक जा नहीं सकते हैं हम..
यूं समझ लीजै कि दिल का दिल से इस्तक़बाल है
उर्मिला माधव