ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 24 March 2020
सोचा ही नहीं
मैंने सजदे में किसी और को सोचा ही नहीं,
रब ने जब मुझको बड़े ख़ास तरीक़ों से गढ़ा,
उर्मिला माधव
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