ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 27 March 2020
ज़रूरत थी
जब हमें आप की ज़रूरत थी,
आप दुनियाँ के ज़लज़लों में थे,
आपको हम दिखाई देते क्यों,
आप यारों के वलवलों में थे,
उर्मिला माधव
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